: रचनात्मकता की उड़ान: डीपीएस जूनियर ब्रांच, लखनऊ के ‘वॉइला एनकैंटो 2.0’ में 250 से अधिक विद्यार्थियों ने बिखेरी अपनी चमक



लखनऊ: डीपीएस जूनियर ब्रांच, गोमती नगर विस्तार में उत्साह और नवाचार का अनूठा संगम देखने को मिला, जहाँ दो दिवसीय अंतर-विद्यालयी उत्सव 'वॉइला एनकैंटो 2.0' (Voila Encanto 2.0) के पहले दिन का भव्य आयोजन किया गया।


जिसमें शहर की प्रबुद्ध हस्तियों _डॉ. शिशिर के. श्रीवास्तव_ - पेशा: फाउंडर & सीईओ, यूनिफ्यूजन कंसल्टेंट्स, _डॉ. सुमन भानोत_ - सेवानिवृत्त प्रोफेसर (पूर्व डीन और हेड, होम साइंस कॉलेज, NDUAT) और _मिस गरिमा मलिक_ - चीफ ऑफ ऑपरेशंस, लैब्रिंथ प्राइवेट लिमिटेड ने मुख्य अतिथि एवं निर्णायक के रूप में अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।


शहर के 20 से अधिक प्रतिष्ठित विद्यालयों के 250 से अधिक प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने शिरकत की और रचनात्मकता व समग्र शिक्षा का उत्सव मनाया।


सर्वांगीण उत्कृष्टता का मंच: आत्मविश्वास और आत्म-अभिव्यक्ति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया यह आयोजन नन्हे विद्यार्थियों को अपनी बहुमुखी प्रतिभा दिखाने के लिए एक साझा मंच प्रदान करता है।



प्रतियोगिताओं की रूपरेखा इस तरह तैयार की गई थी कि वे बच्चों के "सर्वांगीण विकास" में सहायक हों, जिसमें संचार कौशल, भावनात्मक अभिव्यक्ति और 'स्टेज प्रेजेंस' जैसे गुणों पर विशेष ध्यान दिया गया।


कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण:

- विद्यालय परिसर को कल्पनाओं की दुनिया में बदल दिया गया था, जहाँ कई रोचक गतिविधियाँ आयोजित की गईं:

    - द मैजिक ऑफ वॉइला एनकैंटो: कलात्मक और नाटकीय प्रस्तुतियों का मंत्रमुग्ध कर देने वाला प्रदर्शन।

    - अंडरवॉटर-थीम वाली फैंसी ड्रेस: एक रचनात्मक शोकेस जहाँ नन्हे बच्चों ने समुद्री जीवन को मंच पर जीवंत कर दिया।

    - वैज्ञानिक नवाचार और कला: विद्यार्थियों के वैज्ञानिक दृष्टिकोण और कलात्मक गहराई को दर्शाती प्रदर्शनियाँ।

    - संगीत और नृत्य प्रस्तुतियाँ: लखनऊ की युवा प्रतिभाओं के सांस्कृतिक कौशल को प्रदर्शित करने वाले शानदार प्रदर्शन।


नेतृत्व और आभार: इस आयोजन में केवल जीत के बजाय टीम वर्क और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना पर जोर दिया गया। प्रधानाचार्या *श्रीमती रूपम सलूजा*और उप-प्रधानाचार्या *श्रीमती वरिंदर कौर*ने सभी प्रतिभागी स्कूलों और अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बच्चों की झिझक दूर करने और आधुनिक दुनिया के लिए आवश्यक 'स्टेज कॉन्फिडेंस' विकसित करने के लिए ऐसे मंच अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।


कार्यक्रम के पहले दिन का समापन भारी उत्साह के साथ हुआ, जिससे प्रतिभागी और दर्शक इस उत्सव के दूसरे और अंतिम दिन के लिए और भी उत्साहित नजर आए।

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