कमर्शियल वाहनों पर लागू वन टाइम रोड टैक्स से चालकों को हो रही आर्थिक कठिनाइयों के संबंध में दिया गया ज्ञापन



लखनऊ टैक्सी कैब ड्राइवर्स वेलफेयर एसोसिएशन लखनऊ में हजारों टैक्सी/कैब चालकों का नेतृत्व करता है। कमर्शियल टैक्सी/कैब चालकों पर वन टाइम टैक्स की जबरन एकमुश्त वसूली की जा रही है। पुरानी कमर्शियल गाड़ियों से भी बिना किसी स्पष्ट नीति और तैयारी के अचानक भारी धनराशि जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है। टैक्सी/कैब चालक कोई पूंजीपति नहीं, बल्कि दैनिक आय पर निर्भर श्रमिक वर्ग है। एक बार में वन टाइम टैक्स जमा करना चालकों के लिए असंभव, अव्यवहारिक और अमानवीय है। एक मुस्त टैक्स के नाम पर चालकों को कर्ज लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है। टैक्स न जमा करने की स्थिति में वाहन बंद/सीज़ करने की कार्रवाई का डर दिखाया जा रहा है। वाहन बंद होते ही हजारों चालकों और उनके परिवारों की रोटी-रोज़गार पर सीधा हमला हो रहा है। लखनऊ टैक्सी कैब ड्राइवर्स वेलफेयर एसोसिएशन की मुख्य मांगे इस प्रकार है :-


1- वन टाइम टैक्स की वर्तमान दमनकारी और अव्यवहारिक व्यवस्था को तत्काल रोका जाए।


2 - यह स्पष्ट रूप से तय किया जाए कि वन टाइम टैक्स केवल नई कमर्शियल गाड़ियों पर ही लागू होगा।


3 - यदि पुरानी कमर्शियल गाड़ियों से टैक्स लिया जाना है, तो उनके लिए अलग, न्यायसंगत और मानवीय नीति बनाई जाए।


4 - पुरानी गाड़ियों को वन टाइम टैक्स जमा करने हेतु न्यूनतम 1 वर्ष की अनिवार्य समय-सीमा (ग्रेस पीरियड) दी जाए।


5 - एकमुश्त भुगतान स्वैच्छिक रखा जाए, अनिवार्य नहीं।


6 - टैक्स एक मुस्त भुगतान के लिए किस्त आधारित व्यवस्था को लागू किया जाए।


7-कैब चालकों को एक मुस्त देय राशि पर किसी भी प्रकार की पेनल्टी, अथवा दंडात्मक कार्रवाई सरकार द्वारा न की जाए।


टैक्स के नाम पर टैक्सी/कैब चालकों का उत्पीड़न और आर्थिक शोषण तत्काल बंद किया जाए। यदि उपरोक्त मुख्य मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो टैक्सी/कैब चालक मजबूर होकर लोकतांत्रिक तरीके से धरना-प्रदर्शन एवं व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।"

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