अफगानिस्तान के बायकॉट का प्लान... इंग्लैंड पर चैंपियंस ट्रॉफी का मैच छोड़ने का दबाव, 160 नेताओं की अपील





नई दिल्ली. आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी में इंग्लैंड बनाम अफगानिस्तान मुकाबले पर मंडरा रहे खतरे के बादल छंट गए हैं. इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने अपने सांसदों के इस मुकाबले के बायकॉट का आग्रह ठुकरा दिया है. इंग्लैंड के कई सांसद का कहना है कि अफगानिस्तान में महिलाओं पर होने वाले अत्याचार के विरोध में इस मुकाबले का बायकॉट करना चाहिए. अफगानिस्तान में तालिबान का शासन है, जिसमें महिलाओं के कई अधिकारों को खत्म कर दिया गया है.

आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 19 फरवरी से 9 मार्च के बीच पाकिस्तान और यूएई में खेली जाएगी. टूर्नामेंट में इंग्लैंड और अफगानिस्तान का मैच 26 फरवरी को लाहौर में होना है. इंग्लैंड के 160 से अधिक नेताओं ने अपने क्रिकेट बोर्ड को पत्र लिखकर अफगानिस्तान के खिलाफ नहीं खेलने का आग्रह किया था. पत्र लिखने वालों में लेबर सांसद टोनी एंतोनियाजी, जेरेमी कार्बिन शामिल हैं.

सांसदों ने अपने पत्र में लिखा है, ‘हम मानते हैं कि इंग्लैंड की क्रिकेट टीम को अफगानिस्तान में महिलाओं पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ बोलना चाहिए. अफगानिस्तान को यह संदेश दिया जाना जरूरी है कि ऐसे अत्याचार बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे.’ बता दें कि इंग्लैंड और अफगानिस्तान के बीच 2021 के बाद सिर्फ दो मैच हुए हैं. ये दोनों ही मैच आईसीसी इवेंट (वर्ल्ड कप) खेले गए हैं.

ईसीबी के अपने सांसदों की अपील ठुकराए जाने के साथ ही चैंपियंस ट्रॉफी की एक और मुश्किल कम हो गई है. पाकिस्तान की मेजबानी में होने वाले इस टूर्नामेंट में पहले से कई विवाद जुड़े रहे हैं. इनमें से एक भारत का पाकिस्तान ना जाने का फैसला भी था, जिसके बाद उसके मैच यूएई में कराया जाना तय किया गया.

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