राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद का 50 वां अधिवेशन गांधी भवन प्रेक्षा गृह में संपन्न हुआ ।अधिवेशन में प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत किया। संयुक्त परिषद की कार्यकारणी का चुनाव भी हुआ जिसमें सर्वसम्मत से जे एन तिवारी को संयुक्त परिषद का सातवीं बार अध्यक्ष चुना गया। उपस्थित सदस्यों ने संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे एन तिवारी को कार्यकारिणी के गठन का उत्तरदायित्व सौंपा। लखनऊ 13 जुलाई राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद का 50 वां अधिवेशन आज लखनऊ के गांधी भवन प्रेक्षा ग्रह में संपन्न हो गया। अधिवेशन में संयुक्त परिषद के अध्यक्ष ने विगत 2 वर्षों के कार्यकाल की समीक्षा करते हुए संयुक्त परिषद के 62 वर्षों के सफरनामें पर भी प्रकाश डाला ।उन्होंने अधिवेशन में उपस्थित युवा वर्ग को अवगत कराया कि 1964- 65 से 2026 तक संयुक्त परिषद में कई माइल्ड स्टोन स्थापित किया हैं ।केंद्रीय कर्मचारियों से महंगाई भत्ते की बराबरी, वेतन की बराबरी से लेकर कई लड़ाइयां संयुक्त परिषद ने लड़ी है तथा विजय हासिल किया है संयुक्त परिषद के अध्यक्ष जे एन तिवारी ने अधिवेशन में उपस्थित मुख्य सचिव सुरेश खन्ना को कर्मचारियों की प्रमुख मांगों से अवगत कराया जिनमें आठवें वेतन आयोग से पहले लंबित वेतन विसंगतियों पर निर्णय, संविदा कर्मियों के नियमितीकरण के लिए नियमावली निर्गत किया जाना, आशा बहू आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के लिए न्यूनतम मानदेय का निर्धारण कराया जाना, प्रमुख है। सुरेश खन्ना ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार कर्मचारियों की मांगों पर समय-समय पर विचार करती रही है। आगे भी सरकार विचार करती रहेगी। उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारी, व्यवस्था के अभिन्न अंग है । उन्होंने कहा कि संविदा कर्मियों के नवीनीकरण के लिए सरकार समय पर विचार करेगी। जे एन तिवारी ने अवगत मुख्य सचिव सुरेश खन्ना को अवगत कहा कि संविदा पर नियुक्त सभी कर्मचारियों को नियमित करते हुए सरकार संविदा कर्मचारियों की नियुक्ति बंद करने पर श्वेत पत्र जारी करें। अधिवेशन में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की नई कार्यकारिणी के गठन की प्रक्रिया भी पूरी की गई। सर्वसम्मत से जे एन तिवारी को लगातार सातवीं बार संयुक्त परिषद का अध्यक्ष निर्वाचित करते हुए कार्यकारिणी के गठन का उत्तरदायित्व सौंपा गया ।50 वें अधिवेशन के अवसर पर संयुक्त परिषद की महामंत्री ने अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत किया तथा मुख्य अतिथि की स्वागत में अभिनंदन पत्र पढ़कर उनको भेंट किया। मुख्य अतिथि को अंगवस्त्र एवं श्री राम जी की भव्य मूर्ति प्रतीक चिन्ह के रूप में देकर सम्मानित किया गया। अधिवेशन में उपस्थित सदस्यों को संयुक्त परिषद के कार्यवाहक अध्यक्ष त्रिलोकी नाथ चौरसिया ,वरिष्ठ उपाध्यक्ष नारायण जी दुबे, शिवाकांत द्विवेदी, रामेश्वर पांडे ,बृजभूषण मिश्रा , राज बहादुर गौतम, कनिष्क गुप्ता, पूनम श्रीवास्तव, उषा देवी, स्वाति सिंह, सीमा चौरसिया ,सरवन पाल, त्रि रत्न शुक्ला ,महेश द्विवेदी, अभय सिंह , ज्योति ,एमपी सिंह , आशीष मिश्रा, नितिन गोस्वामी संगीता ,कोमल वर्मा सहित विभिन्न जनपदों से आए हुए प्रतिनिधियों एवं संबद्ध संगठनों के पदाधिकारियों ने संबोधित किया।

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