लखनऊ, 20 जुलाई। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शिक्षा के क्षेत्र में एक नई दिशा देने की महत्वाकांक्षी पहल शुरू हो गई है। केंद्रीय सिंह सभा, गुरुद्वारा आलमबाग में आयोजित एक विशेष बैठक में अमेरिका के अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शिक्षाविद्, अर्दास कॉर्पोरेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) एवं संगठनात्मक नेतृत्व विशेषज्ञ डॉ. सतप्रीत सिंह ने प्रदेश में आधुनिक, वैश्विक एवं रोजगारोन्मुख शिक्षा व्यवस्था विकसित करने का विज़न प्रस्तुत किया।
बैठक में जम्मू में विकसित किए जा रहे ‘खालसा यूनिवर्सिटी’ मॉडल को उत्तर प्रदेश में लागू करने की संभावनाओं पर गंभीर चर्चा हुई। प्रस्तावित पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), स्किल डेवलपमेंट, उद्यमिता, शोध एवं अंतरराष्ट्रीय शिक्षा से जोड़ना है, ताकि प्रदेश के युवा वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो सकें।
इस अवसर पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के सचिव सरदार विजय सिंह भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने इस महत्वाकांक्षी शैक्षणिक परियोजना को संस्थागत एवं धार्मिक सहयोग प्रदान करने का भरोसा दिलाया।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए चेयरमैन सरदार मंजीत सिंह ने कहा कि आज AI के युग में केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों को कौशल आधारित, रोजगारपरक और वैश्विक दृष्टिकोण वाली शिक्षा उपलब्ध कराना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि डॉ. सतप्रीत सिंह के मार्गदर्शन से उत्तर प्रदेश के विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय शिक्षा एवं अंतरराष्ट्रीय अवसरों से जुड़ने का मार्ग मिलेगा।डा० सतप्रीत सिंह जी द्वारा गुरूनानक स्कूल चन्द्र नगर का भी अवलोकन कर खालसा यूनिवर्सिटी से जोड़ने और स्कूल की डेवलपमेंट में सहयोग का तलवार जी ने स्वागत कर आभार प्रकट किया ।
गुरुद्वारा आलमबाग के अध्यक्ष सरदार निर्मल सिंह ने इस पहल को प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी इस परियोजना को सफल बनाने हेतु हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने डॉ. सतप्रीत सिंह एवं सरदार विजय सिंह का लखनऊ आगमन पर स्वागत करते हुए इसे समाज और आने वाली पीढ़ियों के हित में एक दूरदर्शी प्रयास बताया।
महासचिव सरदार रतपाल सिंह गोल्डी ने कहा कि गुरुद्वारा परिसर में विकसित किए जा रहे स्किल डेवलपमेंट सेंटर में भी डॉ. सतप्रीत सिंह के अनुभव एवं विशेषज्ञता का लाभ लिया जाएगा, जिससे युवाओं को आधुनिक तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा सके।
उत्तर प्रदेश सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (UPSGMC) के महासचिव सरदार सुरिंदर पाल सिंह बक्शी ने कहा कि यह पहल केवल लखनऊ ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण, मूल्य-आधारित एवं रोजगारोन्मुख शिक्षा का नया अध्याय सिद्ध होगी।
बैठक के अंत में सरदार राजेन्द्र सिंह राजू ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। मीडिया प्रभारी सरदार हरजीत सिंह ने बताया कि बैठक में दशमेश पब्लिक स्कूल के शिक्षकगण, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य तथा बस्ती से पधारे सरदार हरि सिंह बबलू सहित अनेक शिक्षाविदों, समाजसेवियों एवं गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता की।
────────
मुख्य आकर्षण
• जम्मू की तर्ज पर लखनऊ में ‘खालसा यूनिवर्सिटी’ मॉडल विकसित करने की पहल।
• AI, स्किल डेवलपमेंट और रोजगारोन्मुख शिक्षा पर विशेष जोर।
• अंतरराष्ट्रीय शिक्षाविद् डॉ. सतप्रीत सिंह का मार्गदर्शन।
• SGPC का संस्थागत सहयोग।
• उत्तर प्रदेश के विद्यार्थियों को वैश्विक शिक्षा एवं शोध से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम।
उद्धरण
“हमारा लक्ष्य केवल शिक्षा देना नहीं, बल्कि ऐसे युवाओं का निर्माण करना है जो वैश्विक स्तर पर नेतृत्व कर सकें।”
— डॉ. सतप्रीत सिंह
“गुरुद्वारा आलमबाग इस ऐतिहासिक शैक्षणिक पहल के लिए हरसंभव सहयोग देगा।”
— सरदार निर्मल सिंह, अध्यक्ष, गुरुद्वारा आलमबाग

Comments